बिगड़ न जाये कहीं कल यह मौसम
अपना सारा काम आज निपटा लो
गीले कपडे सुखा लो, धुप लगा लो
रजाई और गर्म कपड़ों को धुप दिखा लो
कल यह धुप रहे न रहे, यह मौसम कैसा हो
धुप में जाकर अपने बदन को सेक लगवा लो
कोहरा तो आता जाता रहेगा,क्यूं घबराते हो
हाथ आया समां , बस यूंही न गवा दो !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
अपना सारा काम आज निपटा लो
गीले कपडे सुखा लो, धुप लगा लो
रजाई और गर्म कपड़ों को धुप दिखा लो
कल यह धुप रहे न रहे, यह मौसम कैसा हो
धुप में जाकर अपने बदन को सेक लगवा लो
कोहरा तो आता जाता रहेगा,क्यूं घबराते हो
हाथ आया समां , बस यूंही न गवा दो !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
No comments:
Post a Comment