Sunday, 26 January 2014

६५वाँ गणतंत्र हम सब ने क्या सच में दिल से मनाया हम ने ?

कल मनाया..६५वाँ गणतंत्र हम सब ने
क्या सच में दिल से मनाया हम ने ?
क्या अंग्रेजी बेडियन खत्म हो गयी हैं
इस आजाद देश " भारत" से ??

गुलामी की राह, आज भी नहीं मिटी है
इस आजाद भारत देश से
अंग्रेज तो चले गए भारत छोड़ कर
पर अपने संस्कार ., भेंट कर गए !!

तानाशाही, और हिंसा का मार्ग जिस ने
बनाया था, वीरों को कुचल कुचल के
आज भी वो दमन का शिकार हैं यहाँ
इस आजाद भारत देश में !!

"अजीत" लगता है अब अंग्रेज तो
वापिस न आयेंगे, भारत देश में
न जाने कितने वो पैदा कर गए
इस आजाद भारत देश में !!

पुराना ढर्रा, पुराणी रूढ़िया चल रही हैं
पुराणी चीजो को पेंट कर कर गाडिया चल रही हैं
हम जश्न मना मना कर खुश हो रहे हैं
सीमा पर फिर भी दबंगई सर चढ़ बोल रही है !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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