Friday, 3 January 2014

मेरे कान्हा को समर्पित रचना

******** जय श्री कृष्णा ************
@@@@@ जय श्री राधे राधे @@@@@@@

में तो तुझ संग प्रीत लगा के
हार गयी कान्हा मेरे सांवरिया
तूने दर्द इतना दिया है मुझ को
में तो हार गयी हूँ बावरिया !!

दिल रोता है तेरे मिलन को
मुझे नहीं मिल रही डगरिया
मेरे नैना अन्धे हो गए हैं
आकर लेजा मेरे सांवरिया !!

दिल इतना तड़पता है की आंसू
रुकते नहीं  मंजिल दिखती नहीं
कैसे समझाऊँ इन को में  ,तून
आ कर धुन सुना जा बंवरिया !!

तेरी मुरली की धून ने कर दिया
दीवाना ओ मेरे बांके बिहारिया
आकर "अजीत"की प्यास बुझा जा
ओ वृन्दावन के कृष्ण मुरलिया !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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