आदत अपनी सुधार लो
बस हो गया भजन
इंसानियत अपनी जगा लो
तो हो गया भजन
किसी का सहारा बन जाओ
तो हो गया भजन
दिल से किसी का बुरा न करो
तो भी हो गया भजन
भूखे का भोजन करवा दो
तो हो गया भजन
सेवा का भाव दिल में जगा लो
तो भी हो गया भजन
बुजुर्गो की सुध संवार दो
तो हो गया भजन
रिश्तो को टूटने से बचा लो
तो भी हो गया भजन
दिल से दुश्मन को माफ़ कर दो
तो हो गया भजन
राधे राधे ...कृष्ण कृष्ण
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
बस हो गया भजन
इंसानियत अपनी जगा लो
तो हो गया भजन
किसी का सहारा बन जाओ
तो हो गया भजन
दिल से किसी का बुरा न करो
तो भी हो गया भजन
भूखे का भोजन करवा दो
तो हो गया भजन
सेवा का भाव दिल में जगा लो
तो भी हो गया भजन
बुजुर्गो की सुध संवार दो
तो हो गया भजन
रिश्तो को टूटने से बचा लो
तो भी हो गया भजन
दिल से दुश्मन को माफ़ कर दो
तो हो गया भजन
राधे राधे ...कृष्ण कृष्ण
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
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