Wednesday, 22 January 2014

वो सब जानता है

तेरी इच्छाओं उस को पता है,
तेरी भावनाओ का उस को पता है
तेरी हर बात का उस को पता है
तेरी चलती जुबान का उस को पता है !!

फिर भी तून क्यों भटकता है अँधेरे में
फिर भी तेरा मन विचलित है सवेरे से
फिर भी तुझे चैन नहीं ओ खुदा के बन्दे
बुरे छोड़, रोज किया कर अच्छे अच्छे धन्दे !!

मन को सकूं मिलेगा, मन तेरा शांत रहेगा
नहीं मानता तो भाई कर के देख क्या मिलेगा
जीवन बदल जायेगा, चिंता मुक्त हो जायेगा
मैने किया, तूम भी करों, सच सब बदल जायेगा !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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