Friday, 3 January 2014

राम नाम के हीरे मोती

राम नाम के हीरे मोती
में बिखराऊँ गली गली
शाम नाम के हीरे मोती
में बिखराऊँ गली गली

ले लो रे कोई राम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
ले लो रे कोई शाम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली

राम नाम की लूट से
ही होगा भव सागर से पार
नहीं जपेगा नाम राम का
तो नहीं होगा बेडा पार
राम का नाम ही अमर
है जग में ओ मेरे यार
ले लो रे कोई राम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली

मथुरा घूमो काशी घूमो
या दर्शन कर लो जा हजार
मानव धर्म न निभा सका तो
भीच फंसे गा जा मझधार
शाम नाम मुख पर धरो
यही है जग के आधार
ले लो रे कोई शाम का प्यारा
शोर मचाऊँ गालिओ गली

राम नाम के हीरे मोती
में बिखराऊँ गली गली
शाम नाम के हीरे मोती
में बिखराऊँ गली गली

ले लो रे कोई राम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली
ले लो रे कोई शाम का प्यारा
शोर मचाऊँ गली गली

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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