तेरी जुल्फों का उड़ना तो नजर आ जाता है
तेरी हर अदा का बल खा के चलना नजर आ जाता है
तेरी एक आह पर मेरी जान का निकलना , शायद
मेरे दिलके टूटने का, तुझे नजर नहीं आता है !!
मैं घुट घुट कर जीवन गुजारता रहा, तुझे क्या मालूम
में तेरी हर आहट पर भी जगता रहा, तुझे क्या मालूम
चाहत तो तेरे प्यार की हर वकत रखता है, यह दिल
तेरी परेशानी को अपना बनाया, यह तुझे क्या मालूम !!
जुल्फों का उड़ना, बल खा के चलना दिखाई देता है
तुझे अपनी रुसवाई का , रुख दिखाई देता है
हम कब रूठे और यूं ही मान भी गए ,तुम क्या जानो
तुम को तो हमारी वफ़ा में, बेवफाई दिखती है,बस यह मालूम !!
प्यार में तकरार तो होती रहती है, जिन्दगी में ध्यान रखना
रूठ कर न मुझ से यूं, मुख को अपने मोड़ के रखना
कभी तनहा गुजर बसर करनी भी पड़ जाये तुम को अगर
बस मेरी उन बातों का भी, ध्यान एक बार जरूर रखना !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
तेरी हर अदा का बल खा के चलना नजर आ जाता है
तेरी एक आह पर मेरी जान का निकलना , शायद
मेरे दिलके टूटने का, तुझे नजर नहीं आता है !!
मैं घुट घुट कर जीवन गुजारता रहा, तुझे क्या मालूम
में तेरी हर आहट पर भी जगता रहा, तुझे क्या मालूम
चाहत तो तेरे प्यार की हर वकत रखता है, यह दिल
तेरी परेशानी को अपना बनाया, यह तुझे क्या मालूम !!
जुल्फों का उड़ना, बल खा के चलना दिखाई देता है
तुझे अपनी रुसवाई का , रुख दिखाई देता है
हम कब रूठे और यूं ही मान भी गए ,तुम क्या जानो
तुम को तो हमारी वफ़ा में, बेवफाई दिखती है,बस यह मालूम !!
प्यार में तकरार तो होती रहती है, जिन्दगी में ध्यान रखना
रूठ कर न मुझ से यूं, मुख को अपने मोड़ के रखना
कभी तनहा गुजर बसर करनी भी पड़ जाये तुम को अगर
बस मेरी उन बातों का भी, ध्यान एक बार जरूर रखना !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
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