Thursday, 16 January 2014

मासूम का क्या कसूर

एक कूड़े के ढेर पर
एक कपडे में लिपटा
देखा एक नन्हा सा
जीव

क्या कसूर था उसका
क्या पैदा होना भ्रम था उसका
क्या इसी लिए आया था वो
या वो पाप था , किसी और का

जब पालना न था , तो फेंक दिया
जब डर इतना था, तो क्यों किया
एहसास नहीं था शायद उसको
इक माँ का दर्द शायद नहीं था उसको

दुनिया की लाज का डर उसे सताता है
पर ममता का पलना हर पल रोता है
खालीपन का साया हर दम सताता है
पर उस जीव की किस्मत एक धोखा है !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

No comments:

Post a Comment