काम कुछ दुनिया में ऐसा, कर जाऊँगा,
मरने से पहले अपनी छाप छोड़ जाऊँगा
शब्दों कि माला से जपा करेंगे,दोस्त मेरे
सभी के प्यार का संसार ले ,चला जाऊँगा !!
हसरत पूरी हो गयी जब से आया हूँ में सब के बीच
जब तलक कलम थी चुप, नहीं बना कोई संगीत
आज शब्दों के साथ तराना सब के प्यार का
बना रहा हूँ, बना कर दुनिया से चला जाऊँगा !!
कितने प्यार कि बारिश करते हे, सब मेरे दोस्त
लिखने से पहले ही शायद सोच, लेते हैं मेरे दोस्त
पोस्ट करता हूँ, जब तक पहुँचती है सारी दुआ
इन दुआओं का असर साथ ले कर चला जाऊँगा !!
आज देख रहा हूँ , पढ़ रहा हूँ, सारी कायनात
कल कोंई और आकर पढेगा सारे शलोक दिए मेरे
दुनिया तो चला चली का रेला है, दोस्तों मेरे
आप सभी के आशीर्वाद को ले चला जाऊँगा !!
चाहने वालो कि दुनिया में कभी कमी न होगी
बस उस को देखने के लिए यह आंखे न होंगी
ऊपर वाले के सहारे से उस को भी देख लूँगा
बनकर किसी और रूप में समझना सब के बेच ही रहूँगा !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
मरने से पहले अपनी छाप छोड़ जाऊँगा
शब्दों कि माला से जपा करेंगे,दोस्त मेरे
सभी के प्यार का संसार ले ,चला जाऊँगा !!
हसरत पूरी हो गयी जब से आया हूँ में सब के बीच
जब तलक कलम थी चुप, नहीं बना कोई संगीत
आज शब्दों के साथ तराना सब के प्यार का
बना रहा हूँ, बना कर दुनिया से चला जाऊँगा !!
कितने प्यार कि बारिश करते हे, सब मेरे दोस्त
लिखने से पहले ही शायद सोच, लेते हैं मेरे दोस्त
पोस्ट करता हूँ, जब तक पहुँचती है सारी दुआ
इन दुआओं का असर साथ ले कर चला जाऊँगा !!
आज देख रहा हूँ , पढ़ रहा हूँ, सारी कायनात
कल कोंई और आकर पढेगा सारे शलोक दिए मेरे
दुनिया तो चला चली का रेला है, दोस्तों मेरे
आप सभी के आशीर्वाद को ले चला जाऊँगा !!
चाहने वालो कि दुनिया में कभी कमी न होगी
बस उस को देखने के लिए यह आंखे न होंगी
ऊपर वाले के सहारे से उस को भी देख लूँगा
बनकर किसी और रूप में समझना सब के बेच ही रहूँगा !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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