Monday, 9 December 2013

जिन्दगी का नाम है बस चलना

जिन्दगी न नाम बस चलना है,
रुकने से जीवन थम जाएगा
जब आये हैं हम दुनिया में 
तो कैसे यह "अजीत" रुक जाएगा !!

काँटों का ताज पहना कर
जीवन बसर करते हैं हम
फूलो पर रात गुजार देना
सब से आसान होता है !!

जिन्दगी में मुश्किल न हुई
तो कैसे कटेगी जीवन कि शाम
मजा तो तूफानों से निकल कर
जिदगी बसर करने में आता है !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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