जब से मिली ये नजर तुझ से ओ मेरे श्याम प्यारे
मेरे पास जो नैना हो वो भी तो अब न रहे हमारे !!
तेरी मुरली कि धून सुन कर दिल को आराम आये
बैचेन हो जाता है मन मेरे तो तून नजर न आये !!
एक बार बुला ले अपने दर मुझ को भी मेरे श्याम
मरने से पहले तून मिले तो दिल को मिले आराम !!
यह दुनिया नहीं है मेरे काम की औ मेरे मुरली वाले
एक बार दरवाजा तो खोल औ मेरे शाम राधा वाले !!
बाद भाग शाली हैं जिस ने तेरे दर को चूम लिया
चूमने के बाद फिर न किसी का नाम उसने लिया !!
में "अजीत" जानता हूँ मिलेगा मुझे चैन एक दिन
उस दिन कि तलाश में में रहूँगा जरूर उस दिन !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
मेरे पास जो नैना हो वो भी तो अब न रहे हमारे !!
तेरी मुरली कि धून सुन कर दिल को आराम आये
बैचेन हो जाता है मन मेरे तो तून नजर न आये !!
एक बार बुला ले अपने दर मुझ को भी मेरे श्याम
मरने से पहले तून मिले तो दिल को मिले आराम !!
यह दुनिया नहीं है मेरे काम की औ मेरे मुरली वाले
एक बार दरवाजा तो खोल औ मेरे शाम राधा वाले !!
बाद भाग शाली हैं जिस ने तेरे दर को चूम लिया
चूमने के बाद फिर न किसी का नाम उसने लिया !!
में "अजीत" जानता हूँ मिलेगा मुझे चैन एक दिन
उस दिन कि तलाश में में रहूँगा जरूर उस दिन !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ

No comments:
Post a Comment