Saturday, 21 December 2013

में चला जाऊँगा

में चला जाऊँगा , सब को पता है
मरने से पहले, कुछ कर जाऊँगा
यह शायद मुझ को भी पता है
किस स्थान पर जगह मिलेगी वह
नरक होगा या स्वर्ग , नहीं पता
बस जाने से पहले, कुछ ऐसा हो जाये
जीते जी अपने स्वर्ग देख कर जाऊ
यह शायद मेरे रब को ही पता है
दुनिया का नाम आना , जाना है
कौन किस के काम यहाँ आना है
कुदरत तून मुझ को बस बल इतना
दे देना, बस तेरे पास आने से पहले
स्वर्ग इस धरा अपर बसाना है !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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