Thursday, 19 December 2013

भारत की नई सत्ता

"""""""" भारत कि नई सत्ता """""""""

लों सत्ता के शबाब  का   नया मौसम आ गया
कहते थे बाहर से अब चखने का समां आ गया

न जाने कितना दर्द सहा था लोगों ने आम के लिए
केजरीवाल को सिरमौर बनाने का समां आ गया

तुम क्या थे, क्या क्या किया था कल तक तुमने
सारी छान बीन करने का अब मेरा मौसम आ गया

बड़ा सताया था आम आदमी को तुमने चुनाव से पहले
अब मेरी सरकार बन्नने का समां नजदीक आ गया

आम आदमी  की पार्टी को आम समझना हुआ मुश्किल
अब आम मेरे और तुम्हारा गुठली खाने का मौसम आ गया

पब्लिक का समर्थ, और उन का साथ निभाने का और
सत्ता से गुंडा गर्दी भागने का मौसम आ गया

अपने कर्मो का हिसाब तो सब को देना ही पड़ेगा अब
कितना दम है मुझमे , यह दिखने का मौसम आ गया

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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