दिल के बाजार में आजकल
कहने को कीमत नहीं देखी जाती
यह सब झूठ और फरेब हैं यारो
इस बात का कभी विश्वाश न करना..
पहली से मन भर जाता है जब
तब उस की तो सूरत भी नहीं देखि जाती
कितनी ही, उस में अच्छाई हो
दूसरी के सामने , फिर झूठ्लाई नहीं जाती !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
कहने को कीमत नहीं देखी जाती
यह सब झूठ और फरेब हैं यारो
इस बात का कभी विश्वाश न करना..
पहली से मन भर जाता है जब
तब उस की तो सूरत भी नहीं देखि जाती
कितनी ही, उस में अच्छाई हो
दूसरी के सामने , फिर झूठ्लाई नहीं जाती !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
No comments:
Post a Comment