@@@@@@@ !!!!! नमस्कार प्रेम की साथ !!!!! @@@@@@@
---------------------
जमाने को देखा है,
पर उस में तू नजर न आया
क्या करे हम सब का
जहाँ मेरा प्यार नजर न आया !!
उल्फ़ते बहुत हैं
मालूम है जानता भी हूँ
पर क्या करें उसका भी
जहाँ पर मेरा यार नजर न आया !!
तनहाई डस रही है
कौन उस को रोकेगा अब
कितना खुशग्वार है मौसम
पर उसमें भी तू नजर न आया !!
प्यार की बात कर बस
प्यार से मन को सरोबार कर
उस प्यार से भी मैंने बुलाया
पर मेरे यार तू नजर न आया !!
अजीत तलवार
मेरठ
---------------------
जमाने को देखा है,
पर उस में तू नजर न आया
क्या करे हम सब का
जहाँ मेरा प्यार नजर न आया !!
उल्फ़ते बहुत हैं
मालूम है जानता भी हूँ
पर क्या करें उसका भी
जहाँ पर मेरा यार नजर न आया !!
तनहाई डस रही है
कौन उस को रोकेगा अब
कितना खुशग्वार है मौसम
पर उसमें भी तू नजर न आया !!
प्यार की बात कर बस
प्यार से मन को सरोबार कर
उस प्यार से भी मैंने बुलाया
पर मेरे यार तू नजर न आया !!
अजीत तलवार
मेरठ
No comments:
Post a Comment