Sunday, 23 February 2014

!!!! नमस्कार प्रेम की साथ !!!!!

@@@@@@@ !!!!! नमस्कार प्रेम की साथ !!!!! @@@@@@@
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जमाने को देखा है,
पर उस में तू नजर न आया
क्या करे हम सब का
जहाँ मेरा प्यार नजर न आया !!

उल्फ़ते बहुत हैं 
मालूम है जानता भी हूँ
पर क्या करें उसका भी
जहाँ पर मेरा यार नजर न आया !!

तनहाई डस रही है
कौन उस को रोकेगा अब
कितना खुशग्वार है मौसम
पर उसमें भी तू नजर न आया !!

प्यार की बात कर बस
प्यार से मन को सरोबार कर
उस प्यार से भी मैंने बुलाया
पर मेरे यार तू नजर न आया !!

अजीत तलवार
मेरठ

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