Wednesday, 5 February 2014

@@@@@ तेरी चाहत @@@@@

@@@@@ तेरी चाहत @@@@@

सताना न मुझे, रुलाना न मुझे
जब भी आवाज दूं, घुमाना न मुझे
तेरी चाहत का असर इस दिल पर
हुआ इतना, की तुम छोड़ कर जाना न मुझे !!

तेरी हर बात निराली है
तेरी हर मुस्कान सुहानी है
तेरी बातें सब से निराली हैं
बस अब छोड़ कर तून, जाना न मुझे !!

तुझे देख कर शायरी आ गए मुझे
इस की खुमारी चढ़ गयी है मुझे
तून न नजर आये तो अल्फाज खो जाते हैं
बस अब जिन्दगी में तून, सताना न मुझे !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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