Tuesday, 26 November 2013

उगते सूरज को सलाम

उगते सूरज को सब सलाम करते हैं!!
फिर अडवाणी जी क्यों नहीं स्वीकार करते हैं !!

तुम ने रह कर कौन सा तीर मारा था !!
भरोसा दे कर मंदिर बनाने का सभी को !!
सभी का जब दिल तोडा था !!

आज जब मोदी जी को चुना गया !!
तो क्यूं दिया इस्तिफ्फा तुमने !!
इतना नाराजगी जग जाहिर हो गयी !!
अंदर की कलह साफ़ नजर आ गयी !!

स्वीकार करो, सहनशील बनो !!
उठाओ उस लाल को इस धर से ऊपर !!
जिस ने आज नाम दुनिया में रोशन किया !!
मुखेय्मंत्री नरेंदर मोदी बनकर !!

काम का वो इंसान होता है यहाँ !!
जो टक्कर लेता बढ़ चढ़ कर !!
घबराता नहीं किसी के बाप से !!

जाकर आशीर्वाद दो मोदी साहब को !!
नई क्रांति लाओ जिताओ इस इंसान को !!
जिस के दिल में दर्द है इंसानियत के लिए !!
उखाड़ फेंकेगा वो यहाँ से हैवानियत को !!

अजीत "करूणाकर

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