Tuesday, 26 November 2013

सब का मालिक एक

जब सबका मालिक एक
तो फिर क्यों बन्दे तू परेशान है ?

जब सब कुछ उसके हाथ 
तो फिर क्यों बन्दे तू हैरान है ?

नित्य कर्म में शामिल करो 
रोजाना हरि का जाप किया करो,

मन के अंदर झांको उस दीये की लों को,
अरे बन्दे जानकर भी तू अनजान है ,

क्या रखा है बाहरी आडम्बरों में,
तू जान न जान , पर वो तेरा राजदार है !!


अजीत कुमार तलवार
अजीत "करुणाकर"
मेरठ

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