Monday, 21 April 2014

@@@@ FOR ONLY FAKE I.D.@@@@@@@

@@@@ FOR ONLY FAKE I.D.@@@@@@@

कुछ लोग अपने आपको,,लड़की का चेहरा लगा कर 
कुछ गलत अल्फाज और कुछ गलत अरमान लाकर
दोस्ती की तस्वीर को,, अपने गंदे लफ्जो से मिलाकर
रोजाना दोस्ती का हाथ बढ़ाने...........चले आते हैं..!!

क्यूं लड़की का सहारा लेकर बैसाखी की तरह आ रहे हो
अपने दिल को सामने आ आकर गन्दा सा बना रहे हो
दम रखो अपने आप, सामना karo मुझ से इन्सान का
में तो प्यार से....अपना कदम आपके लिए बढ़ा रहा हूँ !!

टांग टूट जाये तो सहारा लेना बनता है, मजबूरी है
कौन कितना सहारा देगा, बैसाखी का साथ जरूरी है
तुम अच्छे खासे नौजवान हो,..Fir क्यूं बन रहे शैतान हो
सही से साथ निभाना हो तो...मैं.तुम्हारे लिए दोस्ती को तैयार हूँ !!

अजीत तलवार
मेरठ

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