Friday, 25 April 2014

***जरा मैखाने का रस्ता***

********जरा मैखाने का रस्ता**********

जरा मैखाने का रास्ता बता देना
यह प्यार में जलने और सताए 
हुए लोगो.को अपनी आगोश में
बेपनाह मोहोब्बत देती है.....

घुट घुट के जीने वाले को
जीने का सामान यह अपने
पास बैठा बैठा कर
भर भर के पीने को देती है .....

न भटके कहीं न किसी से
जाकर झगडा कर लें
इस लिए अपने दर से किसी
को कहीं जाने नहीं देती है.....

महबूब का गम जब भूला न सका
और उस को जाकर वो मना न सका
बेदर्द ज़माने के सताए हुए लोगो
को मरहम यह यहाँ लगा देती है !!!!!!

अजीत तलवार
मेरठ

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