कल सब ने मिल कर भोले बाबा
को इतना नेहला दिया
की वापसी गिफ्ट के रूप में
सारा जहाँ उस ने नेहला दिया
उस के मान जाओ, सर्दी लग रही है
सारे भगत बोले आप को सर्दी के पड़ी है
थारे बीयाह में इतना मजा आ रिहा है
की मारा मन मोर की ताहीं नाचन डेया है !!
बाबा ने सोचेया इब न माने यो
कल कर दूंगा अपना हिसाब बराबर यों
आज इतना बरसाया की सांस नहीं ली
बाबा ने तो आज, सब की चोखी खबर ली !!
भाई नाराज न होना, कल का गिफ्ट
आज आपके शेहर में पहुँच गयो है बाबा का
खूब नहाओ, बना तो गया अपनी पार्वती
के धोरे, कल वाला जश्न मनाने को !!
जय शिव शंभू
अजीत तलवार
मेरठ
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