Saturday, 15 March 2014

तून भी है इंसान, वो महात्मा भी तो इंसान है
गरूर न कर इस दुनिया में, हम सब इंसान हैं
कर्म कर्म का अपना अपना हिसाब है यहाँ
कोई फ़क़ीर है तो कोई बहुत ही धनवान हैं !!

हंसती तो देख चूका हूँ महात्माओं की में
कोई जेल में है तो कोई इस बेदर्द जहान में
कोई पड़ा चक्कर में धन के, कोई यौवन में
गरीब की कुटिया खाली हो गयी तूफ़ान से !!

क्यूं पूजा जाता है आज शैतान इस जहान में
लोगो ने गैर बना दिया भगवान् भी इस जहान में
चमचो ने घर बना लिया मंदिर और दरबार में
ठोकर खा रहा आज सीधा इंसान, इस जहान में !!

पूजा की जा रही, दिखावा बहुत साथ हो रहा
आरती उतार रही नारी , बहुत अन्याय यही हो रहा
नजर बड़ी गन्दी हो गयी , अब तो उस शैतान की
बच कर चल रहा आम इंसान,  बस इस जहान में !!

अजीत तलवार
मेरठ

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