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************माँ तुझे ऐसा न समझा था ***************
माँ ने पैदा किया सब को, सब के साथ ही माँ होती है
पर कहीं कहीं देखा है मैने, सगी भी आजकल सौतेली होती है
व्यवहार बदल जाता है उसका , जब बेटों की शादी होती है
बहु को कभी बेटी नहीं मानती, वह बेटे के लिए भी सौतेली है !!
क्या फायदा इस प्यार की ममता को दिखाने का जग में
किसी के सामने बेटे की बीवी को भी लग जाती है दुत्कारने
मजा तो तब होता , कि वहां भी वो प्यार उमड़ जाता बहु के लिए
वो भी आयी थी इक दिन, अपनी माँ की ममता की गोद को सूना करके !!
अजीत कुमार तलवार
मेरठ
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पर कहीं कहीं देखा है मैने, सगी भी आजकल सौतेली होती है
व्यवहार बदल जाता है उसका , जब बेटों की शादी होती है
बहु को कभी बेटी नहीं मानती, वह बेटे के लिए भी सौतेली है !!
क्या फायदा इस प्यार की ममता को दिखाने का जग में
किसी के सामने बेटे की बीवी को भी लग जाती है दुत्कारने
मजा तो तब होता , कि वहां भी वो प्यार उमड़ जाता बहु के लिए
वो भी आयी थी इक दिन, अपनी माँ की ममता की गोद को सूना करके !!
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